सोसाइटी के कंदील
काग़ज़ की कटिंग में शाम ढले पुणे की हाउसिंग सोसाइटी: हर बालकनी पर कंदील, ढोल-ताशे पर जगमगा उठती पूरी इमारत और सोसाइटी के सूचना-पट पर कार्यक्रम का ब्योरा।
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पुणे और मुंबई में कई परिवार सहकारी हाउसिंग सोसाइटियों में रहते हैं, यानी साझा अहाते के चारों ओर बनी फ़्लैटों की इमारतें, जिनमें गेट, चौकीदार और सूचना-पट होता है। दिवाली पर इमारत बदल जाती है: लगभग हर बालकनी में आकाश कंदील टँगता है, हर परिवार का अपना, काग़ज़ के तारे, अठकोने और छहकोने, लंबी झालरों वाले, और सोसाइटी अक्सर अहाते में दिवाली कार्यक्रम के लिए इकट्ठा होती है, रंगोली, नाश्ता और संगीत, जिसकी सूचना पट पर लगती है। शाम ढले सड़क से देखें तो मंज़िल-दर-मंज़िल जलते कंदीलों वाली सोसाइटी महाराष्ट्र की दिवाली का सबसे जाना-पहचाना दृश्य है।
यह वीडियो परतदार पेपर-कट शैली में बना है: शाम के आसमान और पर्वती पहाड़ी के सामने पुणे की चार मंज़िला सोसाइटी, ताशे की थाप पर एक-एक कर जलते बारह कंदील, आपकी पारिवारिक फ़ोटो के लिए बालकनी की खिड़की और ब्योरों के लिए सोसाइटी का सूचना-पट। यह कलाकृति इस वीडियो के लिए बनाई गई है, काग़ज़ काटकर नहीं।
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